हेड कांस्टेबल की करोड़ों की संपत्ति का हिसाब खंगाल रही लोकायुक्त
वेतन 75 लाख और संपत्ति करीब 30 करोड़, देवास-इंदौर में जुटाए जा रहे दस्तावेज

देवास। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर में पदस्थ हेड कांस्टेबल ड्रायवर फिरोज खान के देवास-इंदौर में घर सहित अन्य ठिकानों में लोकायुक्त पुलिस की जांच चल रही है।
हेड कांस्टेबल की नौकरी से प्राप्त आय और शुरुआती जांच में सामने आई अनुपातहीन संपत्ति के आंकड़ों के बीच अंतर को लेकर लोकायुक्त पुलिस ने दस्तावेजों को खंगाल रही है।
इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कांस्टेबल ड्रायवर के देवास स्थित निवास सहित इंदौर के विभिन्न ठिकानों पर उज्जैन और इंदौर लोकायुक्त की टीमों की तलाशी चल रही है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में 30 करोड़ रुपए की संपत्ति का पता चला है। इसे नौकरी से अर्जित आय की तुलना में कई गुना अधिक बताया गया है। फिलहाल संपत्तियों के मूल्यांकन, आय के स्रोतों और स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही संपत्ति और आय के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के अनुसार, फिरोज खान की वेतन से प्राप्त आय करीब 75 लाख रुपये अनुमानित है। अन्य स्रोतों से होने वाली आय को शामिल करने पर कुल आय लगभग 1 करोड़ 93 लाख रुपए बताई गई है। शुरुआती जांच में सामने आई संपत्ति और आय के इन आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित संपत्तियां कब और किन स्रोतों से अर्जित की गईं तथा उनके लिए इस्तेमाल की गई राशि का स्रोत क्या है।

जांच के दौरान साहिल ट्रेडिंग कंपनी के वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है। बताया गया है कि यह फर्म फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर है। इसके अलावा, एक परिचित महिला द्वारा संचालित अन्य फर्म की भूमिका की भी जांच की जा रही है। लोकायुक्त के अनुसार, जमीनों की खरीद-फरोख्त से संबंधित कथित भूमिका के आधार पर महिला को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। संबंधित फर्मों के रिकॉर्ड और संपत्तियों की खरीद से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।
देवास की कॉलोनियों में संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही-
लोकायुक्त टीम देवास के आदर्शनगर, पुष्पकुंज कॉलोनी, विजयनगर, इंदिरा गांधी नगर और राधागंज सहित अन्य क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। बेनामी संपत्ति संबंधी शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच में संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद के दस्तावेजों और आय के स्रोतों का मिलान किया जा रहा है।
फिलहाल 30 करोड़ रुपए की संपत्ति का आंकड़ा प्रारंभिक जांच से संबंधित है। यह संपत्ति किस अनुपात में वैध आय से अर्जित की गई और क्या किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, इसका निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा। शिकायत में परिवार के सदस्यों और परिचितों के नाम पर जमीनें खरीदे जाने की बात भी कही गई है। इन आरोपों के आधार पर लोकायुक्त संबंधित संपत्तियों और जमीनों के सौदों की जानकारी जुटा रही है।
बताया जा रहा है कि अनुपातहीन संपत्तियों को लेकर शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई थी। अब लोकायुक्त विभिन्न ठिकानों पर मिली संपत्तियों, उनके स्वामित्व और आय के स्रोतों का मिलान कर रही है। फिलहाल जांच जारी है।




