भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में देवास जिले का प्रदेश में परचम, 235 स्कूलों के 10,301 विद्यार्थियों ने लिया भाग

देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का देवास जिले में सफलतापूर्वक समापन हुआ।
युवा पीढ़ी में भारतीय संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए गए चार माह के अभियान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रतिवर्ष शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में देशभर में आयोजित की जाती है। इसी क्रम में देवास जिले में भी परीक्षा का आयोजन किया गया। इस वर्ष 235 विद्यालयों के 10,301 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में सहभागिता की।

जिला समन्वयक बीएल खंडेलवाल ने बताया कि इस वर्ष जिले में 250 विद्यालयों के माध्यम से 11,000 विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले 235 विद्यालयों और 10,301 विद्यार्थियों तक पहुंच बनाकर टीम लक्ष्य के करीब पहुंची। उन्होंने इसे पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर और उत्साहवर्धक उपलब्धि बताया।
देवास तहसील सबसे आगे
तहसीलवार प्रदर्शन में देवास क्षेत्र सबसे आगे रहा। देवास तहसील के 74 विद्यालयों के 3,321 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सहभागिता की। इनमें शहर के 30 विद्यालयों के 1,682 और ग्रामीण क्षेत्र के 44 विद्यालयों के 1,639 विद्यार्थी शामिल रहे। इसके बाद हाटपीपल्या में 29 विद्यालयों के 1,273, कन्नौद में 17 विद्यालयों के 1,021, उदयनगर में 13 विद्यालयों के 970, सतवास में 18 विद्यालयों के 891, बागली में 34 विद्यालयों के 853, खातेगांव में 18 विद्यालयों के 817, सोनकच्छ में 18 विद्यालयों के 662 और टोंकखुर्द में 14 विद्यालयों के 493 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
टोंकखुर्द, सतवास और उदयनगर तहसीलों ने पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कराई, जिससे अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा।
चार माह की मेहनत का परिणाम
जिला समन्वय समिति के अनुसार परीक्षा की सफलता में जिले की शक्तिपीठों, प्रज्ञापीठों के ट्रस्टीगण, गायत्री परिजनों, तहसील समन्वयकों, परीक्षा प्रभारियों, शिक्षकों और अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला संरक्षक देवीशंकर तिवारी एवं जिला समन्वयक शिवनारायण शर्मा के नेतृत्व में परीक्षा संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं।
अभियान को जिले के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने में जिला सचिव अरविन्द शर्मा, लक्षित दुबे, कांतिलाल पटेल, सुरेन्द्र दुबे और जितेन्द्र मोहरी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
परीक्षा के आयोजन में विभिन्न तहसीलों के प्रभारियों, शिक्षकों एवं गायत्री परिजनों का भी सहयोग रहा। जिला समन्वय समिति एवं जिला समन्वयक बीएल खंडेलवाल ने परीक्षा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्राचार्यों, शिक्षकों और गायत्री परिजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।




