1000वीं मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पुलिस अधीक्षक ने दिया कार्यशाला को विराम
एसपी पुनीत गहलोत ने 4 वर्षीय बेटी के साथ बनाए मिट्टी के गणेश

देवास। पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक आस्था को प्रकृति से जोड़ने के उद्देश्य से पिछले एक माह से चल रही “मेरे गणेश, मिट्टी के गणेश” कार्यशाला का 1000वीं प्रतिमा के निर्माण के साथ समापन हुआ।
देवास पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने अपनी 4 वर्षीय बेटी इशना के साथ मिट्टी के गणेश बनाकर कार्यशाला को विराम दिया। कार्यशाला में पहुंचे एसपी गेहलोत ने प्रतिमा निर्माण की प्रक्रिया, उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण और वितरण की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने प्रशिक्षकों से मिट्टी की प्रतिमा बनाने की विधि समझी और बेटी के साथ स्वयं गणेश प्रतिमा तैयार की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मेरे गणेश, मिट्टी के गणेश” पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक परंपरा को साथ लेकर चलने वाला सार्थक अभियान है। प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं के बजाय मिट्टी की प्रतिमाओं को अपनाकर हम जलस्रोतों और पर्यावरण की सुरक्षा में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसे आयोजनों से जोड़ने पर उनमें धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।
एसपी ने देवासवासियों से अपील की कि इस गणेश उत्सव में अपने घरों में मिट्टी के गणेश की स्थापना करें और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने अभियान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि धर्म और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने वाली ऐसी पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। कार्यक्रम के संयोजक आदित्य दुबे एवं रिचा दुबे ने पुलिस अधीक्षक का गंगाजल एवं रुद्राक्ष की माला से स्वागत किया।
आदित्य दुबे ने बताया कि इस वर्ष कार्यशाला में घरों में स्थापना योग्य 1000 मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार की गईं। अभियान के दौरान करीब 600 विद्यार्थियों, आमजन एवं विशिष्टजन को प्रतिमा निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर विद्यार्थियों को भी मिट्टी के गणेश बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में सहयोगी आर्यमन, आद्या, मानसी, मयंक, हर्षिका, प्रीति एवं कामना भी उपस्थित रहे।




