तांत्रिक क्रिया का झांसा देकर सोने के गहने ले उड़े, 3000 किमी पीछा कर पुलिस ने दबोचे दो आरोपी

2100 रुपए से शुरू हुई ठगी करीब 3 लाख के गहनों तक पहुंची; CCTV और तकनीकी साक्ष्यों ने खोली कड़ियां, देवास पुलिस ने गुजरात से राजस्थान तक किया पीछा
देवास। घर की बाधा दूर करने और तांत्रिक क्रिया से समस्या का समाधान करने का झांसा देकर महिला से करीब 3 लाख रुपए कीमत के सोने के आभूषण ठगने वाले दो आरोपियों को देवास पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले महिला से तांत्रिक क्रिया के नाम पर 2100 रुपए लिए और फिर घर पहुंचकर सोने के गहने एक लाल कपड़े की पोटली में बंधवाकर अगले दिन वापस करने का भरोसा दिया। कथित तांत्रिक क्रिया के बाद पोटली महिला को वापस कर दी गई, लेकिन घर पहुंचकर खोलने पर उसमें से सोने के आभूषण गायब थे।
मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। 200 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस करीब 3000 किलोमीटर तक आरोपियों के पीछे पहुंची और आखिरकार गुजरात से राजस्थान तक उनकी तलाश पूरी कर दोनों को पकड़ लिया।
पहले 2100 रुपए लिए, फिर घर पहुंचकर गहने उतरवाए-
पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त को त्रिलोक नगर निवासी गीता प्रजापत ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि आरोपियों ने घर की बाधा और तांत्रिक क्रिया के जरिए समस्या दूर करने का झांसा दिया था। इसके नाम पर पहले उससे 2100 रुपए लिए गए।
इसके बाद आरोपी महिला के घर पहुंचे और कथित तांत्रिक क्रिया के नाम पर उसके सोने के आभूषण ले लिए। आभूषणों को लाल कपड़े की पोटली में बांधकर अगले दिन वापस करने की बात कही गई। महिला को मिश्रीलाल नगर बुलाया गया, जहां आरोपियों ने कथित रूप से तांत्रिक क्रिया कर पोटली उसे वापस कर दी।
महिला जब घर पहुंची और उसने पोटली खोली तो उसके होश उड़ गए। पोटली में सोने के आभूषण नहीं थे। महिला वापस मिश्रीलाल नगर पहुंची तो वहां आरोपियों के ठिकाने पर ताला लगा मिला।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के द्वारा जिले में धोखाधड़ी एवं छलपूर्वक आमजन को ठगी का शिकार बनाने वाले आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया है।

शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) गजेन्द्र सिंह वर्धमान के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक देवास सुमित अग्रवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी सिविल लाइन विजय सिंह लोधी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई ।
200 CCTV कैमरे खंगाले, फिर शुरू हुआ 3000 किमी का पीछा-
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े 200 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के साथ तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी को जोड़ा गया।

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को आरोपियों के देवास से बाहर जाने के सुराग मिले। पुलिस टीम सुरागों का पीछा करते हुए अहमदाबाद, गुजरात पहुंची। इसके बाद जांच की कड़ियां राजस्थान के पाली और जोधपुर तक जा पहुंचीं। पुलिस टीम ने करीब 3000 किलोमीटर की यात्रा करते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें अभिरक्षा में लिया।
राजस्थान में छिपाए थे ठगी के गहने-
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम प्रदीप पिता चंपालाल जोशी (36), निवासी पीपाड़ शहर, जिला जोधपुर और विनोद कुमार पिता कैलाशचंद्र जोशी (42), निवासी पीपाड़ शहर, जिला जोधपुर बताया।
आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने पाली, राजस्थान स्थित विनोद कुमार के घर से महिला से ठगी कर लिए गए सोने के आभूषण बरामद कर लिए।
पुलिस के अनुसार बरामद माल में सोने के एक जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी कान की झुमकी, एक बड़ा मंगलसूत्र पेंडल, दो छोटे मंगलसूत्र पेंडल और 18 मोती (पारा) शामिल हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। बरामद माल की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है।
अंधविश्वास बना ठगी का रास्ता-
इस मामले में ठगी का तरीका भी खासा चौंकाने वाला सामने आया। आरोपियों ने महिला की समस्या को घर की बाधा और तांत्रिक क्रिया से जोड़कर उसका भरोसा हासिल किया। इसके बाद पहले नकदी ली और फिर कथित तांत्रिक क्रिया के बहाने सोने के आभूषण अपने कब्जे में ले लिए।
पुलिस की कार्रवाई में तकनीकी साक्ष्य, CCTV फुटेज और मुखबिर सूचना अहम कड़ी साबित हुई। महज 8 दिन में देवास से गुजरात और राजस्थान तक करीब 3000 किलोमीटर की पड़ताल कर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और ठगी का पूरा माल बरामद कर लिया।
प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका-
कार्रवाई में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक विजय सिंह लोधी, उनि लोकेश कुशवाह, संजय सौराष्ट्रीय, प्रआर पवन पटेल, सुनील देथलिया, आरक्षक हितेश कुशवाह तथा साइबर सेल देवास से प्रआर सचिन चौहान और शिवप्रताप सिंह सेंगर का विशेष योगदान रहा।




