देवास में शुरू हुआ “स्कूल बस सुरक्षा एप”, अब सभी बसों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी
स्कूल बस संचालकों की बैठक आयोजित, बसों एवं चालकों की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य

देवास। जिले में संचालित होने वाली समस्त स्कूल बसों तथा उनके चालकों एवं परिचालकों का विवरण शासन स्तर पर त्वरित रूप से उपलब्ध कराने और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप बसों का संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा “स्कूल बस सुरक्षा एप” तैयार किया गया है।
एप के संचालन एवं आवश्यक जानकारी दर्ज करने के संबंध में जिले के सभी स्कूल बस संचालकों की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित की गई।
बैठक में स्कूल बस संचालकों को बताया गया कि ऑनलाइन एप्लीकेशन के माध्यम से उनके संस्थान/विद्यालय में संचालित होने वाली सभी बसों का पूर्ण विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसमें बस का पंजीयन क्रमांक, बीमा, फिटनेस, पीयूसी, परमिट सहित अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी।
इसी प्रकार विद्यालय में बसों का संचालन करने वाले चालकों की नाम, पता, ड्राइविंग लाइसेंस क्रमांक एवं उसकी वैधता संबंधी जानकारी भी एप पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। चालक का विवरण दर्ज करने के उपरांत संबंधित चालक का ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा, जो संबंधित पुलिस थाने द्वारा ऑनलाइन किया जाएगा।
प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान को यूजर आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से संबंधित विद्यालय अपने यहां संचालित स्कूल बसों एवं उनके चालकों की आवश्यक जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे।
बैठक में स्कूल बस संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने स्कूलों/शैक्षणिक संस्थानों में संचालित समस्त वाहनों का विवरण अनिवार्य रूप से “स्कूल बस सुरक्षा एप” पर दर्ज कराएं। इसके साथ ही ऐसे वाहन जो विद्यालय के नाम से पंजीकृत नहीं हैं, लेकिन विद्यालय के छात्र-छात्राओं को लेकर विद्यालय आते-जाते हैं, जैसे ऑटो रिक्शा, मैजिक वाहन एवं अन्य वाहनों की जानकारी भी एप पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।
जिला प्रशासन द्वारा “स्कूल बस सुरक्षा एप” के माध्यम से जिले में संचालित समस्त स्कूल बसों एवं विद्यार्थियों के परिवहन में उपयोग किए जा रहे अन्य वाहनों की जानकारी संकलित कर उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे स्कूल वाहनों के संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों तथा सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
ये भी पढ़ें: परिवहन विभाग ने जिले में स्कूल बसों की जांच के लिए चलाया विशेष जांच अभियान, 63 हजार रुपए का राजस्व वसूला




