राजनीति

इंदौर की कार्रवाई के बाद देवास में भी मिलावट पर सख्ती की मांग, शिवसेना-युवासेना ने सौंपा आवेदन 

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देवास। इंदौर में बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी पकड़े जाने के बाद देवास जिले में भी खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर आवाज उठने लगी है।

शिवसेना-युवासेना ने जिले में नकली एवं मिलावटी खाद्य सामग्री की रोकथाम के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग करते हुए मंगलवार को कलेक्टर ऋतुराज सिंह को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने आवेदन को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए अपर कलेक्टर को प्रेषित कर दिया।

जिला अध्यक्ष सुनील वर्मा ने आवेदन में मांग की कि घी, खाद्य तेल, दूध, मावा, पनीर, मिठाई सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नियमित नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाए। साथ ही खाद्य प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण कर नकली या मिलावटी सामग्री मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। सुनील वर्मा ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट सीधे आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है।

उनका कहना था कि पूर्व में कई मामलों में जांच अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई, जिससे वास्तविक स्थिति पूरी तरह सामने नहीं आ सकी। यदि विशेष जांच दल गठित कर निष्पक्ष एवं व्यापक जांच की जाती है तो मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा और आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने इस संबंध में सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में नकली या मिलावटी खाद्य पदार्थों की जानकारी मिले तो नागरिक इसकी सूचना प्रशासन को दें। शिकायतें गोपनीय रूप से भी कलेक्ट्रेट तक पहुंचाई जा सकती हैं, ताकि संबंधित मामले में तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

शिवसेना-युवासेना ने प्रशासन के इस आश्वासन का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि प्रशासन और आमजन के संयुक्त प्रयासों से जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया जा सकेगा और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

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