भटकती महिला को मिला सहारा, समाजसेवियों और पुलिस ने पहुंचाया सेवाधाम आश्रम

डायल-112 पर सूचना मिलते ही सक्रिय हुई टीम, परिजनों की तलाश जारी; सजग नागरिकों और पुलिसकर्मियों की सराहनीय पहल
उदयनगर (बाबू हनवाल)। किसी अनजान और असहाय व्यक्ति की मदद करना ही सच्ची मानवता है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण उदयनगर क्षेत्र में देखने को मिला, जहां भटक रही एक मानसिक रूप से कमजोर महिला को समाजसेवियों की सजगता और पुलिस की तत्परता से सुरक्षित आश्रय मिल सका।
महिला के परिजनों का पता नहीं चलने पर उसे सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उज्जैन स्थित सेवाधाम आश्रम में दाखिल कराया गया। ग्राम नीमखेड़ा में भटक रही एक महिला को सुरक्षित आश्रय दिलाने के लिए समाजसेवियों और पुलिस ने मिलकर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया।
18 जून को समाजसेवी राजू भार्गव निवासी नीमखेड़ा एवं मुकेश वास्केल निवासी सीतावन ने एक अज्ञात महिला को गांव में घूमते हुए देखा। महिला असहाय अवस्था में थी और अपने बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी।
दोनों समाजसेवियों ने सजग नागरिक का दायित्व निभाते हुए तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 पर ड्यूटी कर रहे प्रधान आरक्षक बाबू खा एवं पायलट अजय राय तत्काल मौके पर पहुंचे और महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लेकर उदयनगर थाने लाए।
थाने पर महिला के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने थाना क्षेत्र के आसपास के गांवों सहित पड़ोसी जिलों में भी संपर्क किया, लेकिन महिला की पहचान अथवा उसके परिजनों के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इसके बाद महिला प्रधान आरक्षक कविता मुजाल्दे ने महिला का मेडिकल परीक्षण करवाया तथा आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पूरी की।
सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद महिला को सुरक्षित रूप से सेवाधाम आश्रम, उज्जैन में दाखिल कराया गया, जहां उसकी देखभाल की जाएगी। पुलिस द्वारा महिला के परिजनों की तलाश अब भी जारी है ताकि उसे उसके परिवार से मिलाया जा सके।
इस सराहनीय कार्य में समाजसेवी राजू भार्गव और मुकेश वास्केल के साथ एसआई पार्वती डावर, महिला प्रधान आरक्षक कविता मुजाल्दे, प्रधान आरक्षक बाबू खा, पायलट अजय राय, चालक आरक्षक देवेंद्र गोस्वामी तथा प्रधान आरक्षक जगदीश सोलंकी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




