ट्रेंचिंग ग्राउंड में मृत गौवंश के अवशेष मिलने का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचा

– शिवसेना ने मुख्यमंत्री से की उच्चस्तरीय जांच की मांग
देवास। नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में पिछले दिनों बड़ी संख्या में मृत गोवंश के अवशेष मिलने के मामले की शिकायत लेकर शिवसेना नेता मुख्यमंत्री कार्यालय वल्लभ भोपाल पहुंचे हैं।
शिवसेना जिलाध्यक्ष सुनील वर्मा और शहर अध्यक्ष श्रवणसिंह बैस ने मुख्यमंत्री कार्यालय वल्लभ भवन पहुंचकर मुख्यमंत्री ओएसडी से मुलाकात की और घटना से जुड़े सभी तथ्यों पर चर्चा कर शिकायत दर्ज कराई है। चर्चा के दौरान घटनास्थल के फोटो वीडियो भी उन्हें दिखाए। शिवसेना ने उनसे पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए आवेदन सौंपा है।
जिलाध्यक्ष श्री वर्मा ने आवेदन में मांग करते हुए बताया है कि 25 फरवरी को देवास नगर निगम के शासकीय ट्रेचिंग ग्राउंड का मामला बड़ा ही संदिग्ध नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में बड़ी संख्या में गोमाता के शवों के अवशेष, जिनके चमड़े निकाले हुए थे और हड्डियां सुखाई जाते पाए गए थे। आवारा कुत्ते उनके शव को नोच कर खा रहे थे। इससे मध्यप्रदेश शासन के दिए निर्देशों की अनदेखी के साथ हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायत में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए मांग की गई कि विगत पांच वर्षों में नगर निगम द्वारा कितने मृत गौवंश को ट्रेंचिंग ग्राउंड तक लाया गया और इस पर कितना खर्च किया गया, इसकी जांच की जाए। साथ ही पांच वर्षों में कितनी मृत गोमाता का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया और उस पर कितनी राशि खर्च हुई, इसका भी पूरा लेखा-जोखा सामने लाया जाए। इसके अलावा यह भी कहा गया है कि यदि कोई अधिकारी तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ है और पद का दुरुपयोग हुआ है तो नियम अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
श्री वर्मा ने कहा कि मामले को उजागर करने वाली जागरूक नागरिक श्रेया परिहार और उनके साथियों पर गंभीर धाराओं में प्रकरण भी दर्ज करा दिए गए। इतने संवेदनशील मामले में अधिकारी केवल खानापूर्ति करते नजर आ रहे हैं। जिस दिन यह घटना घटित हुई उसी दिन जांच दल गठित कर मामले की जांच करनी थी।
शिवसेना ने आवेदन में मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।




