खेत-खलियान

बंपर फसल की उम्मीद में गेहूं की कटाई शुरू

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– समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए हो रहे हैं पंजीयन

बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। क्षेत्र में रबी की मुख्य फसल गेहूं की कटाई ने रफ्तार पकड़ ली है। खेतों में हार्वेस्टर की आवाज और मजदूरों की हलचल गेहूं कटाई की तेजी को दर्शा रही है। किसानों की मेहनत अब रंग लाने वाली है, लेकिन कम उत्पादन से व बाजार में गेहूं के दामों को लेकर चिंता दोनों बनी हुई है।

क्षेत्र के किसान पूर्व सरपंच रामचंद्र दांगी, दूध सहकारी संस्था के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र दांगी, डॉ. संतोष चौधरी, पूर्व सरपंच सिद्धनाथ सावनेर, सूरजसिंह पाटीदार ने बताया, कि पिछले 5 दिनों से दिन में गर्मी और रात को ठंड का प्रभाव है। इस मौसम में अगली वैरायटी के गेहूं पूरी तरह पक चुके हैं, जिनकी कटाई मजदूरों द्वारा करवाई जा रही है।

क्षेत्र में किसानों ने अलग-अलग प्रजाति के गेहूं की बुवाई की थी, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में कटाई शुरू हो गई है, जबकि तालाब से सिंचित भूमि और कुछ अन्य इलाकों में कटाई का कार्य 8 से 10 दिनों में प्रारंभ होगा।

गेहूं का रकबा 4 हजार हेक्टेयर बढ़ा-
इस साल गेहूं काम पैदावारी से किसानों में चिंता का विषय भी है। क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में गेहूं का रकबा 4 हजार हेक्टेयर बढ़कर 25 हजार हेक्टेयर हो गया है। वर्ष 2024-25 में 22 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की गई थी। मालवा क्षेत्र का गेहूं अपनी उच्च गुणवत्ता के लिए न केवल देश बल्कि विदेशों में भी मशहूर है।

समर्थन मूल्य पर हो रहे हैं पंजीयन-
इन दिनों समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए सरकार द्वारा किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। पंजीयन की अंतिम तिथि 10 मार्च तय की गई है।

इस वर्ष किसानों को घाटे की आशंका- किसानों ने बताया कि इस वर्ष मौसम की मार, विगत दिनों धुंध, कोहरे, इल्ली के प्रकोप से इस बार मालवा क्षेत्र के प्रमुख गेहूं की फसल का उत्पादन प्रति हेक्टर आधा हो गया है और इस वर्ष गेहूं फसल का बंपर उत्पादन देखते हुए किसानों को इस वर्ष अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद थी। लेकिन बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव को लेकर किसान चिंतित भी हैं। सरकार द्वारा दी जा रही एमएसपी और बोनस की सहायता से किसान राहत महसूस कर रहे हैं।

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