अमलतास विशेष विद्यालय में दिव्यांग बच्चों ने मनाया रंगारंग होली महोत्सव

देवास। रंगों का त्योहार होली जब खुशियों की बयार बनकर हर मन को रंग देता है, तब दिव्यांग बच्चों की मुस्कान और उमंग इसे और खास बना देती है।
अमलतास विशेष विद्यालय में इस बार की होली कुछ अलग रही, यह सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि उम्मीदों, प्रेरणाओं और समाज सुधार के संकल्पों का उत्सव बना।

अमलतास विशेष विद्यालय के प्रांगण में जब रंग-बिरंगे फूलों और गुलाल से होली खेली गई, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति भावविभोर हो गया। इन बच्चों ने अपनी मासूमियत और उत्साह से यह साबित कर दिया, कि सच्ची खुशी किसी भी शारीरिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती। उनका उल्लास देखकर कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध हो गया।
विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. भारती लाहोरिया ने कहा, कि रंगों का यह पर्व हमें प्रेम, समानता और समावेशिता का संदेश देता है। हमारे विशेष बच्चे अपनी अनोखी प्रतिभा से इस दुनिया को और खूबसूरत बनाते हैं, और हमें उन पर गर्व है। आइए, इस होली पर हम प्रेम, संवेदनशीलता और समझ के रंग भरें।
इस आयोजन में अमलतास विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शरदचन्द्र वानखेड़े, अस्पताल निदेशक डॉ. प्रशांत, कुलसचिव संजय रामबोले, प्रबंधक डॉ. मनीष शर्मा, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यगण एवं मनोरोग विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों ने भाग लिया। सभी ने दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया।
अमलतास वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, यह उत्सव सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह का भी प्रतीक है।




