देवास में सवर्ण समाज ने किया विरोध प्रदर्शन, यूजीसी की शवयात्रा निकाल सौंपा ज्ञापन

देवास। सामान्य वर्ग के संगठनों ने यूजीसी के नए प्रावधानों के खिलाफ जोरदार आंदोलन छेड़ दिया है। देवास के सयाजी द्वार से शुरू हुई शवयात्रा में 2000 से अधिक लोग शामिल हुए, जिन्होंने ‘यूजीसी कानून वापस लो’ के नारों के साथ एमजी रोड से जवाहर चौक तक मार्च किया।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपने के बाद यूजीसी के पुतले का प्रतीकात्मक दाह संस्कार किया गया। वक्ताओं ने इसे सवर्ण समाज के खिलाफ साजिश बताते हुए एकजुटता की अपील की। कार्यक्रम की शुरुआत सयाजी द्वार पर समाज के प्रमुख पदाधिकारियों एवं सदस्यों की उपस्थिति में हुई। सभा को संबोधित करते हुए समाज प्रमुख पं. दिनेश मिश्रा, रजनीश पोरवाल, राजेश जैन, सुभाष शिंदे, अनिल पंजवानी, ललित शर्मा, ईश्वरसिंह राजपूत, सुरेंद्रसिंह गौड़, किशोरसिंह राजपूत, हरजीतसिंह खनूजा, सोहन अग्रवाल एवं राम श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने कहा कि आज सवर्ण खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। हमारी आवाज उठाने के लिए सभी को संगठित होकर आगे आना होगा। हम लोग पहले से ही आरक्षण, एससी एसटी एक्ट, और छात्रवृत्ति की विसंगतियों से परेशान थे, अब ये नया यूजीसी कानून और आ गया गया। ये निश्चित ही सवर्ण को समाप्त करने की साजिश है। इसके दुरुपयोग से बच्चों का भविष्य तबाह तक हो सकता है। मंच से ही 17 वर्षीय विद्यार्थी आद्या दुबे ने भी शिक्षा व्यवस्था पर संभावित प्रभावों को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन आदित्य दुबे ने किया। आभार विशाल रघुवंशी ने माना। यात्रा का नेतृत्व सवर्ण समाज प्रमुख काला कानून वापस लो के बैनर के साथ कर रहे थे। यात्रा में समाजजन यूजीसी कानून वापस लो, हम अपना अधिकार मांगते हैं जैसे नारों के साथ आगे बढ़े। एमजी रोड से होते हुए यात्रा जवाहर चौक पहुंची, जहां राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन का वाचन कर पं. दिनेश मिश्रा ने एसडीएम अभिषेक शर्मा को सौंपा। तत्पश्चात प्रतीकात्मक रूप से यूजीसी के पुतले का दाह संस्कार किया गया।

पिछले 15 दिनों से आयोजन की तैयारी कर रहे संजय शुक्ला, सुभाष शिंदे, उमेश निम्बालकर, राजेंद्र संघवी, सुरेंद्रसिंह गौड़, तूफानसिंह सोलंकी, शैलेन्द्र चौधरी, अशोक सोमानी, छोटू पांडे, विमल शर्मा, नयन कानूनगो, प्रदीप खरे, महेंद्र उपाध्याय, सुरेश चव्हाण, सोनू पंजाबी, आकाश अवस्थी, प्रमोद जाधव, शिव कुमार संघवी, सुनील जैन, अनूप जैन, आशुतोष श्रीवास्तव, महेंद्र व्यास, रितेश शर्मा, संदेश तिवारी, माताप्रसाद शर्मा, दीपक व्यास, भरतेश जैन, मनोज आहूजा, आयुष भूतड़ा, सुनील भटेले, प्रतीक पंडित, सिद्धार्थ अवस्थी, श्रीकांत उपाध्याय, सुदर्शन दुबे, कपिल व्यास, श्रवण कानूनगो, दीपक जोशी, चंद्रशेखर दुबे, शैलेन्द्र जैन, मधुसूदन शर्मा, वासुदेव शर्मा, अशोक चौधरी, अरविंद तिवारी, सुभाष पंड्या, सुरेश फरक्या, आनंद दुबे, पवन गोयल, रोहित उपाध्याय, दिनेश पोरवाल, कीर्ति चव्हाण, गजानन देशमुख, संजय मालुसरे, भालचंद्र ताकोने, दिलीप सुपेकर, मनोज श्रीवास्तव, मांगेश शर्मा, अशोक पेशवानी, पुरन तलरेजा, कन्हैयालाल नेनानी, मनोज आहूजा, संजय तलरेजा, नंदू खत्री, सुरेश शर्मा सहित लगभग 2000 से अधिक समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुआ।




