प्रशासनिकशिक्षा

देवास के 150 मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगा नीट-जेईई का मुफ्त कोर्स, स्टडी मटेरियल के साथ शुरू होगी तैयारी

Share

 

कलेक्टर ऋतुराज सिंह की पहल से आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क डिजिटल कोचिंग, अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ मार्गदर्शन

देवास। जिले के 150 मेधावी विद्यार्थियों के लिए 17 जुलाई का दिन उनके सपनों को नई उड़ान देने वाला होगा।

जिला प्रशासन की ‘जिला मेधावी छात्र नीट-जेईई स्पॉन्सरशिप योजना’ के तहत चयनित विद्यार्थियों को शुक्रवार को निःशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी और मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की डिजिटल तैयारी का कोर्स शुरू होगा।

कलेक्टर ऋतुराज सिंह की इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बिना किसी आर्थिक बोझ के राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।

जिले के होनहार और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक सराहनीय पहल की है।

17 जुलाई को दोपहर 12 बजे खेड़ापति इंटरनेशनल होटल में आयोजित कार्यक्रम में “जिला मेधावी छात्र नीट-जेईई स्पॉन्सरशिप योजना” के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से निःशुल्क अध्ययन सामग्री वितरित की जाएगी।

कार्यक्रम में कलेक्टर ऋतुराज सिंह विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। साथ ही फिजिक्स वाला फाउंडेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेंगे।

जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए फिजिक्स वाला फाउंडेशन के साथ साझेदारी की गई है। इसके माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों द्वारा उच्च गुणवत्ता की डिजिटल कोचिंग, नियमित टेस्ट, अध्ययन सामग्री और करियर काउंसलिंग की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना के लिए जिले के शासकीय विद्यालयों के कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों का चयन किया गया है। पात्रता के अनुसार विद्यार्थी का कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक होना आवश्यक है, जबकि परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

इस वर्ष योजना के तहत कुल 150 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इनमें जेईई (इंजीनियरिंग) की तैयारी के लिए अंग्रेजी माध्यम के 71 तथा हिन्दी माध्यम के 23 विद्यार्थी शामिल हैं। वहीं नीट (मेडिकल) की तैयारी के लिए अंग्रेजी माध्यम के 8 और हिन्दी माध्यम के 30 विद्यार्थियों का चयन हुआ है।

योजना के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन विशेष निगरानी समिति का गठन करेगा। योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख रुपये का व्यय आएगा, जिसकी व्यवस्था जनसहयोग और विभिन्न संस्थाओं के सीएसआर योगदान से की जाएगी।

कलेक्टर ऋतुराज सिंह की यह पहल जिले के मेधावी विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी कदम मानी जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी तैयारी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अक्सर बड़ी चुनौती होती है, लेकिन इस योजना के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेगा।

जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी का कहना है इससे न केवल उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिलेगी, बल्कि भविष्य में देवास जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी गौरवान्वित होगा।

Back to top button