धर्म-अध्यात्म

ईश्वर हमेशा हमारे साथ रहता है पर हम पहचान नहीं पाते- स्वामी रामनारायण जी

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देवास। श्री रामद्वारा में चातुर्मास सत्संग के अंतर्गत भागवत कथा ज्ञानयज्ञ आरंभ हुई। सर्वप्रथम व्यासपीठ और भागवत पोथी का पूजन संत राम सुमिरनजी, बाल संत पुनीत रामजी, डॉ. सीमा सोनी, आरती पटेल, धर्मेंद्र राठौड़ एवं रामद्वारा सत्संग मंडल द्वारा किया गया।

भागवत कथा महत्तम की विवेचना करते हुए महंत स्वामी रामनारायण जी ने कहा, कि भागवत कथा जीवन को सार्थक बनाती हैं। ईश्वर हमेशा हमारे साथ रहता है, पर हम उसे पहचान नहीं पाते। हम अक्सर भूल जाते हैं रोशनी में उसको और वो अंधेरों में भी हमारा ख्याल रखता है। जो व्यक्ति सच्चे मन से ईश्वर का स्मरण करता है उस पर हमेशा ईश्वर की कृपा रहती है।

शुकदेव मुनि ने राजा परीक्षित को सात दिन में भागवत कथा सुनाई और राजा ने मोक्ष प्राप्त किया। कथा के अंतर्गत विभिन्न उत्सव मनाए जाएंगे। बाल संत पुनीत रामजी ने भी भगवान शिव और पार्वती संवाद की कथा रोचक तरीके से सुनाई। कथा का समय दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक रखा गया है। रामद्वारा सत्संग मंडल ने सभी भक्तजनों से कथा श्रवण करने का आग्रह किया है।

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