खेत-खलियान

देवास में किसानों का महाधरना, सेटेलाइट पद्धति व फसल बीमा अनियमितताओं का किया विरोध

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देवास। भारतीय किसान संघ के बैनर तले जिलेभर के हजारों किसान कृषि उपज मंडी परिसर में धरने पर बैठे और सेटेलाइट पद्धति से किए जा रहे फसल आकलन का विरोध जताया।

किसानों ने आरोप लगाया, कि गलत आकलन के चलते उन्हें फसल बीमा का उचित लाभ नहीं मिल रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक किसान संगठित होकर आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक बीमा योजना किसानों के बजाय कंपनियों के हित में चलती रहेगी।

भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलसिंह आंजना ने कहा, कि सेटेलाइट पद्धति पूर्ण रूप से गलत है, क्योंकि फसल कटाई प्रयोग एवं सेटेलाइट पद्धति के आकलन का सही मिलान नहीं हो रहा है। इससे देवास जिला के किसान सोयाबीन फसल खराब होने के बाद भी फसल बीमा से वंचित रह गए, जिन किसानों को 35 से 40000 रुपए फसल बीमा मिलना था, वहां 300 से 400 रु प्रति हेक्टर फसल बीमा मिला है। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र के विधायक, सांसद से जरूर पूछना कि फसल खराब होने के बाद भी फसल बीमा का लाभ क्यों नहीं मिला।

प्रांत मंत्री भारतसिंह बैस ने कहा, कि प्रदेश में किसानों की जमीन हड़पने का कार्य चल रहा है। यह किसानों के लिए एवं प्रदेश के लिए बहुत ही घातक है। हम इसका पूर्ण रूप से विरोध करते हैं। प्रांत सदस्य रामप्रसाद सूर्या ने किसानों को बताया, कि जब तक हम संगठित नहीं होंगे सरकार और सरकार के नुमाइंदे इस प्रकार से किसानों को लूटते रहेंगे। फसल बीमा योजना किसानों के लिए नहीं कंपनी को लाभ दिलाने के लिए बनी है। भारतीय किसान जिला देवास इसका पूर्ण रूप से विरोध करता है। धरने में गोवर्धन पाटीदार, घनश्याम पाटीदार, हुकुमचंद पटेल, आनंद आंजना ने संबोधित किया।

देवास जिले की सभी तहसीलों से किसान बड़ी संख्या में पहुंचे थे। मौसम को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय पर धरना के बजाय कृषि उपज मंडी में धरना रखा गया। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक धरना स्थल पर किसान बैठे रहे। एसडीएम आनंद मालवीया, शोभाराम सोलंकी, कृषि विभाग के अधिकारी बीमा कंपनी के अधिकारी लगभग डेढ़ घंटे तक धरना स्थल पर रहे लेकिन संतुष्टपूर्ण जवाब नहीं दे पाए। एसडीएम ने जानकारी 10 दिन में देने की बात कही।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष हुकम पटेल, कन्नौद जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश टांडी, जिला कोषाध्यक्ष नारायण मंडलोई, केदारमल पाटीदार, राकेश जाट, आनंद मेहता, जिला मंत्री गोरेलाल गुर्जर, अजबसिंह चावड़ा, गोवर्धन पवार, मूलचंद पाटीदार, अनिल पाटीदार, रामनारायण यादव एवं हजारों किसान उपस्थित थे।

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