धर्म-अध्यात्म

गायत्री शक्तिपीठ एवं गायत्री प्रज्ञापीठ पर 9 को श्रावणी पर्व का आयोजन

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देवास। गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी रक्षाबंधन पर श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया जाएगा।

गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया, कि श्रावणी पूर्णिमा पर्व का उद्देश्य आत्म निर्माण है। शरीर का निर्माण तो हो गया, शरीर तो छूट जाएगा लेकिन शरीर के बाद भी आपकी आत्मा की दुर्गति न हो, आत्म निर्माण हो। इस दिन भाई-बहन और मित्र परस्पर एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर शुभ संकल्प लेते हैं।

रक्षा बंधन बहन की, संस्कृति की, राष्ट्र की रक्षा हेतु बंधन से जोड़ने का प्रतीक त्योहार है। शास्त्रानुसार पर्यावरण एवं आध्यात्मिक दोनों ही दृष्टि से इस दिन पौधारोपण का भी विशेष महत्व है।रक्षाबंधन पर श्रावणी उपाकर्म का कार्यक्रम दोनों स्थानों पर 9 अगस्त को प्रात: 8 बजे से प्रारंभ होगा। श्रावणी उपाकर्म में सर्वप्रथम तीर्थ की प्रार्थना के अनन्तर पंचगव्य प्राशन कर प्रायश्चित संकल्प एवं दशविध स्नान जैसे- मिट्टी, गोमय, गोमूत्र, भस्म आदि। ऋषि, पितृ तर्पण तथा शुद्ध स्नान कर नवीन यज्ञोपवित पूजन कर धारण किया जाएगा। पश्चात श्रीवेदमाता गायत्री, गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्यजी, माता भगवतीदेवी शर्मा व ऋषियों का पूजन एवं देव आव्हान कर पंचकुण्डीय गायत्री महायज्ञ प्रारंभ कर पूर्णाहूति की जाएगी, जिसमें विश्व शांति, विश्व कल्याण, पर्यावरण संरक्षण एवं इस वर्ष अच्छी वर्षा हो इसके लिए विशेष मंत्रों द्वारा विशेष आहुतियां दी जाएंगी। पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए पौधों का वितरण कर उन्हें लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया जाएगा।

प्रज्ञापीठ की संरक्षिका दुर्गा दीदी के सानिध्य में गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर स्थित श्रीराम हर्बल उद्यान पर पौधारोपण किया जाएगा। गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी महेश पण्डया एवं गायत्री प्रज्ञापीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजेन्द्र पोरवाल ने समस्त परिजनों से अनुरोध किया है कि इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें।

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