भाकिसं का ज्ञापन: भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 लागू करने, जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा सहित रखी अन्य मांग

बरोठा। किसानों के अधिकारों की रक्षा और फसल सुरक्षा को लेकर भारतीय किसान संघ बरोठा तहसील के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट किया, कि वे अब अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को पुनः लागू करने, जमीन की गाइडलाइन बढ़ाने, चार गुना मुआवजा देने और फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं।
किसानों की मुख्य मांगें-
भारतीय किसान संघ ने अपनी मांगों को रखते हुए कहा कि-
✔️ भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को पुनः लागू किया जाए ताकि किसानों को उनकी जमीन का उचित हक मिल सके।
✔️ भूमि की गाइडलाइन वर्षों से नहीं बढ़ी है, इसे प्रतिवर्ष 20 प्रतिशत की दर से बढ़ाया जाए।
✔️ किसानों को उनकी जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जाए, जिससे वे अपने भविष्य को सुरक्षित रख सकें।
✔️ 2023-24 के फसल बीमा का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए, ताकि नुकसान झेल रहे किसानों को राहत मिल सके।
जंगली जानवर बने किसानों की सबसे बड़ी समस्या!
किसानों की परेशानियां सिर्फ मुआवजे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जंगली जानवरों द्वारा फसलों को लगातार हो रहे नुकसान से वे बेहद परेशान हैं। संघ ने सरकार से यह मांग की कि-
✔️ जंगली जानवरों की नसबंदी कराई जाए ताकि इनकी संख्या अनियंत्रित न बढ़े।
✔️ खेतों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री बनाने में सरकारी सहायता दी जाए, जिससे किसान अपनी फसल बचा सकें।
कार्यक्रम में संभाग मंत्री बहादुर सिंह राजपूत, जिला मंत्री शेखर पटेल, तहसील अध्यक्ष ईश्वरलाल पटेल, पूर्व तहसील अध्यक्ष सर्वेश केलवा, तहसील मंत्री राजेश नागर सहित बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे। किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि इन न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं।
जंगली जानवर बर्बाद कर रहे हैं फसल-
पूर्व तहसील अध्यक्ष सर्वेश केलवा ने बताया, कि खेतों में किसान दिन-रात मेहनत करता है, लेकिन उसकी फसल को जंगली जानवर तबाह कर देते हैं। इस समस्या को हल करने की कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा रही है। हमारी मांग है कि या तो जंगली जानवरों की नसबंदी की जाए या किसानों को मजबूत बाउंड्री के लिए सरकारी सहायता दी जाए। अगर हमारी समस्याओं की अनदेखी जारी रही, तो हम मजबूरन बड़ा आंदोलन करेंगे।




