जवारा विसर्जन के दौरान मधुमक्खियों का हमला, कई लोग हुए घायल
कुएं में नहाने के दौरान छत्ते तक पहुंचे पानी के छींटे, तो भड़क उठी मधुमक्खियां

देवास। जिले के राजोदा गांव में मंगलवार सुबह जवारा विसर्जन के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में 40 से अधिक लोग घायल हो गए।
हमले के बाद मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घायलों में से 11 को उपचार के लिए देवास जिला अस्पताल लाया गया। एक युवक को इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया है।
कुएं में नहाने के दौरान भड़का मधुमक्खियों का झुंड-
जानकारी के अनुसार, गांव में जवारा विसर्जन के लिए निकले लोग मंगलवार सुबह करीब 9 बजे कुएं के पास रुके थे। कुछ लोग वहां बैठे थे, जबकि पांच-छह लोग कुएं में नहाने लगे। पास ही पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ था। नहाने के दौरान पानी के छींटे छत्ते तक पहुंचे तो मधुमक्खियां अचानक आक्रामक हो गईं और आसपास मौजूद लोगों को निशाना बनाने लगीं। देखते ही देखते मधुमक्खियों ने वहां मौजूद लोगों को घेर लिया। अचानक हुए इस हमले से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे, जबकि कई लोग मधुमक्खियों के डंक से घायल हो गए।
घायल संतोष पाटीदार ने बताया कि जवारा विसर्जन में शामिल लोग कुएं के पास बैठे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोग नहाने के लिए कुएं में उतरे। पानी के छींटे पीपल के पेड़ पर बने मधुमक्खियों के छत्ते तक पहुंचे और कुछ ही देर में झुंड ने हमला कर दिया। शुरुआत में लोगों को लगा कि मधुमक्खियां थोड़ी देर में शांत होकर लौट जाएंगी, लेकिन उनका हमला लगातार बढ़ता गया। इसके बाद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। किसी ने नीम की डालियों का सहारा लिया तो किसी ने हाथों से मधुमक्खियों को दूर करने की कोशिश की।

संतोष के मुताबिक, उन्होंने खुद को और दूसरे लोगों को बचाने के लिए नेट ओढ़ लिया। करीब 15 मिनट तक लोग उसके भीतर छिपे रहे। इस दौरान मधुमक्खियां ऊपर मंडराती रहीं। उनके शांत होने के इंतजार में लोग काफी देर तक बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
घटना में घायल शिवम पाटीदार ने बताया कि वे माताजी के जवारे विसर्जन के लिए जा रहे थे। रास्ते में कुछ देर रुकने के दौरान अचानक मधुमक्खियों का हमला हो गया। स्थिति इतनी अचानक बिगड़ी कि किसी को कुछ समझ नहीं आया। ऐसे में उनके दादाजी ने तत्काल कंबल ओढ़ाकर शिवम और खुद को बचाने की कोशिश की।
जिला अस्पताल के डॉ. शरद वीरपरा के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले में घायल 11 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। इनमें कान्हा नाम के युवक की हालत गंभीर थी। उसके शरीर से 200 से अधिक डंक निकाले गए। हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए इंदौर स्थित एमवाय अस्पताल रेफर किया गया है। अन्य घायलों की स्थिति सामान्य बताई गई है और उनका उपचार जारी है।
ग्रामीण अशोक चौधरी के मुताबिक, जवारा विसर्जन में करीब 200 लोग शामिल थे। मधुमक्खियों के हमले में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें से कई लोगों का राजोदा में ही उपचार किया गया, जबकि कुछ घायलों को स्थानीय स्तर पर ड्रिप भी चढ़ाई गई। गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।




