देवास के शिक्षा जगत को मिला अनुभवी नेतृत्व, राजीव सूर्यवंशी बने जिला शिक्षा अधिकारी

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए जाने जाते हैं राजीव सूर्यवंशी
देवास। जिले की शिक्षा व्यवस्था को एक बार फिर अनुभवी नेतृत्व मिला है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिप्रा के प्राचार्य राजीव सूर्यवंशी को स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार देवास जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) का प्रभार सौंपा गया है। इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी किए गए।
राजीव सूर्यवंशी इससे पहले भी जिला शिक्षा अधिकारी का दायित्व संभाल चुके हैं। उनके कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में कई सकारात्मक पहल और नवाचार देखने को मिले थे। वे हमेशा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण पर जोर देते रहे हैं।
पढ़ाई के साथ प्रतिभाओं को निखारने पर दिया बल
शिप्रा विद्यालय में प्राचार्य के रूप में कार्य करते हुए राजीव सूर्यवंशी ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई प्रयास किए। उन्होंने शिक्षकों के सहयोग से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, गीत-संगीत और व्यक्तित्व विकास के अवसर मिले।
उनका मानना रहा है कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ाने का माध्यम बननी चाहिए।
करियर मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को मिली दिशा
राजीव सूर्यवंशी ने समय-समय पर विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न रोजगार अवसरों की जानकारी दी गई। इससे कई विद्यार्थियों को अपने भविष्य की योजना बनाने में मदद मिली।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई गति
जिले के शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों का मानना है कि राजीव सूर्यवंशी के अनुभव का लाभ जिले के विद्यालयों और विद्यार्थियों को मिलेगा। उनकी कार्यशैली, शिक्षा के प्रति समर्पण और नवाचारों के कारण शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।
राजीव सूर्यवंशी की नियुक्ति को जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और बेहतर होने की संभावना है।




