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बारिश में छत टपकने लगे तो तुरंत क्या करें? पहले अपनाएं ये उपाय

मानसून में छत से पानी टपकना क्यों शुरू हो जाता है?

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बारिश के मौसम में सबसे आम घरेलू समस्याओं में से एक है छत से पानी टपकना (Roof Leakage)। शुरुआत में यह समस्या कुछ बूंदों तक सीमित रहती है, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर पूरी छत, दीवारों और कमरों में सीलन फैल सकती है।

कई बार पेंट उखड़ने लगता है, प्लास्टर कमजोर हो जाता है और घर की सुंदरता के साथ उसकी मजबूती भी प्रभावित होती है।

अच्छी बात यह है कि यदि समय रहते सही कदम उठाए जाएं तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है और बाद में स्थायी समाधान भी कराया जा सकता है।

छत से पानी आने के कारण

छत में दरारें पड़ जाना: गर्मी, ठंड और बारिश के लगातार प्रभाव से कंक्रीट में महीन दरारें बन सकती हैं। इन्हीं दरारों से धीरे-धीरे पानी अंदर पहुंचने लगता है।

पुरानी Waterproofing खराब होना: यदि छत पर वर्षों पहले वाटरप्रूफिंग कराई गई थी, तो समय के साथ उसकी परत कमजोर हो सकती है।

छत पर पानी जमा होना: जहां छत पर ढलान सही नहीं होती, वहां बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे रिसाव की संभावना बढ़ जाती है।

पाइप और जॉइंट से लीकेज: पानी की टंकी, पाइपलाइन या ड्रेनेज पाइप के आसपास की सीलिंग खराब होने पर भी छत टपक सकती है।

समय पर रखरखाव न होना: यदि कई वर्षों तक छत का निरीक्षण और मरम्मत नहीं कराई जाए, तो छोटी समस्या धीरे-धीरे बड़ी बन सकती है।

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छत टपकने लगे तो तुरंत क्या करें?

पानी को एक जगह इकट्ठा करें: सबसे पहले जहां से पानी टपक रहा है वहां बाल्टी, टब या बड़ा बर्तन रख दें ताकि पानी पूरे कमरे में न फैले।

रिसाव वाली जगह पहचानें: पानी जिस स्थान से टपक रहा है, उसे चिन्हित कर लें। कई बार वास्तविक दरार उससे कुछ दूरी पर होती है, इसलिए बारिश रुकने के बाद पूरी छत का निरीक्षण करें।

फर्नीचर और जरूरी सामान हटाएं: यदि पानी बेड, सोफा, अलमारी, टीवी या अन्य सामान पर गिर रहा है तो उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर रख दें। महत्वपूर्ण दस्तावेज, किताबें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी वहां से हटा दें।

प्लास्टिक शीट या तिरपाल का इस्तेमाल करें: यदि रिसाव ज्यादा है और लगातार बारिश हो रही है, तो अस्थायी रूप से छत पर तिरपाल (Tarpaulin) या मोटी प्लास्टिक शीट लगाई जा सकती है। यह केवल अस्थायी उपाय है, स्थायी समाधान नहीं।

छत पर जमा पानी हटाएं: बारिश रुकने के बाद देखें कि कहीं छत पर पानी जमा तो नहीं है। यदि ड्रेनेज पाइप बंद है तो उसे साफ करें, ताकि अगली बारिश में पानी न रुके।

दरारों की फोटो लें: यदि बाद में ठेकेदार या इंजीनियर से मरम्मत करानी हो, तो दरारों और रिसाव वाली जगह की तस्वीरें सुरक्षित रखें। इससे समस्या समझाने में आसानी होगी।

बारिश खत्म होने के बाद स्थायी मरम्मत कराएं: मानसून के दौरान बार-बार छोटी-मोटी मरम्मत कराने के बजाय बारिश कम होने पर पूरी छत की जांच कराकर स्थायी समाधान कराना बेहतर रहता है।

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ये 5 गलतियां बिल्कुल न करें
– गीली छत पर बिना सुरक्षा के न चढ़ें।
– केवल सीमेंट भरकर समस्या खत्म मानने की गलती न करें।
– रिसाव वाली जगह पर सिर्फ पेंट कर देने से लीकेज बंद नहीं होती।
– छत पर जमा पानी को नजरअंदाज न करें।
हर साल अस्थायी मरम्मत कराकर काम न चलाएं।

छत की स्थायी मरम्मत कैसे कराएं?
यदि हर बारिश में छत टपकती है, तो विशेषज्ञ से निरीक्षण कराएं।

– पूरी छत की जांच
– सभी दरारों की मरम्मत
– Waterproof Coating या Waterproof Membrane लगाना
– ड्रेनेज पाइप की सफाई
– जरूरत पड़ने पर छत की ढलान (Slope) सुधारना
– सही तकनीक से कराई गई वाटरप्रूफिंग कई वर्षों तक सुरक्षा दे सकती है।

हर वर्ष प्री-मानसून में यह जांच जरूर करें
▪️छत में दरार तो नहीं है।
▪️पानी निकासी पाइप साफ हैं।
▪️वाटरप्रूफिंग की परत सही है।
▪️कहीं पानी जमा तो नहीं होता।
▪️छत पर कचरा, मिट्टी और पत्तियां जमा नहीं हैं।

Roof Leakage Quick Checklist
◾ छत टपकने पर याद रखें ये 7 बातें
🔹पानी एक जगह इकट्ठा करें।
🔹रिसाव वाली जगह पहचानें।
🔹फर्नीचर सुरक्षित करें।
🔹तिरपाल से अस्थायी बचाव करें।
🔹छत पर जमा पानी हटाएं।
🔹दरारों की फोटो लें।
🔹बारिश के बाद स्थायी Waterproofing कराएं।

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