भमोरी में गहराया पेयजल संकट, तीनों बोर सूखे; नर्मदा पाइप लाइन से जोड़ने की मांग
कुएं और कुंडियों में भी घटने लगा पानी, निजी टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर ग्रामीण; महिलाओं ने एसडीएम को सौंपा आवेदन

बागली (हीरालाल गोस्वामी)। गर्मी आने से पहले ही पेयजल संकट की आहट ने ग्राम भमोरी के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव के कुओं, कुंडियों और बोरवेल में पानी का स्तर तेजी से घट रहा है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की योजना के तहत पानी की टंकी बनने के बावजूद गांव के तीनों बोर में पानी नहीं होने से लोगों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को जरूरत पूरी करने के लिए निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है।
पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बागली को आवेदन सौंपकर गांव को नर्मदा पाइप लाइन से जोड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि चापड़ा से करनावद तक नर्मदा पाइप लाइन बिछाई जा रही है। ऐसे में बीच में आने वाले ग्राम भमोरी को भी इस लाइन से जोड़ दिया जाए, तो ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिल सकती है और स्वच्छ पानी की उपलब्धता हो सकेगी।
महिलाओं ने उठाई पेयजल समस्या की आवाज-
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए भमोरी को नर्मदा पाइप लाइन से जोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े। आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, जल संसाधन मंत्री, भोपाल और जिलाधीश, देवास को भी भेजी गई है।
एसडीएम को आवेदन सौंपने के दौरान बरखा पाटीदार, मीरा, पवित्रा, कुंताबाई, कमलाबाई सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या पर शीघ्र ध्यान देकर पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।




