बेहरी में मां कात्यायनी के प्रकट उत्सव की धूम, सवा क्विंटल फूलों से सजा दरबार
देसी गाय के दूध से बना केक अर्पित, हर घर से आया छप्पन भोग; तुलादान के बाद गरबा-डांडिया में देर रात तक झूमे श्रद्धालु

बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। मां कात्यायनी के प्रकट उत्सव पर बेहरी में भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। फूलों से सजे मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन के साथ मां को देसी गाय के दूध से बना केक और घर-घर से तैयार कर लाया गया छप्पन भोग अर्पित किया गया।
दिनभर दर्शन-पूजन और तुलादान के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, वहीं रात में नवयुवक मित्र मंडल के गरबा-डांडिया महोत्सव में भक्तिभाव के साथ उत्सव की रौनक और बढ़ गई।

मां कात्यायनी के प्रकट उत्सव के लिए मंदिर परिसर को सवा क्विंटल फूलों से सजाया गया। शुक्रवार को ग्रामवासियों ने विशेष तैयारियां की थीं। सुबह संजय उपाध्याय ने पत्नी अंतिमा उपाध्याय के साथ मां का अभिषेक-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने देसी गाय के दूध से बना केक माता को अर्पित किया। इस दौरान नन्ही बालिकाओं ने नौ देवियों का स्वरूप धारण कर पूजा-अर्चना की और केक काटने के आयोजन में भाग लिया। प्रसाद वितरण भी किया गया।
हर घर से पहुंचा छप्पन भोग, तुलादान कर बांटा प्रसाद-
गांव के मध्य स्थित मंदिर में सुबह से देर शाम तक बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही। छप्पन भोग के लिए प्रत्येक घर से फलाहारी सामग्री तैयार कर लाई गई और मां को अर्पित करने के बाद प्रसाद वितरित किया गया। हिंदू संगठन के प्रदेश महामंत्री केदार पाटीदार और जुगल पाटीदार ने एक क्विंटल केले से तुलादान कर प्रसाद बांटा। ग्रामीणों ने उत्सव में शामिल होने के लिए रिश्तेदारों और मेहमानों को भी आमंत्रित किया था।

रात्रि आठ बजे विशेष पूजन हुआ। जुगल पाटीदार ने मन्नत पूरी होने पर अपने भतीजे-भतीजी का तुलादान किया, जबकि केदार पाटीदार ने अपने 85 वर्षीय पिता का तुलादान कराया। केदार पाटीदार और पूर्व सरपंच रामचंद्र दांगी ने बताया कि छप्पन भोग के लिए हर घर से सामग्री एकत्र कर मां को अर्पित की गई। उनके अनुसार, पिछले छह दिनों में बाहर से आए 50 से अधिक परिवारों ने मन्नत पूरी होने पर तुलादान किया। पं. राजेंद्र उपाध्याय और अंतिमा उपाध्याय ने बताया कि नवरात्रि में यहां श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ मां की आराधना करते हैं।
आधुनिक रोशनी से सजा गरबा पंडाल, नौ देवियों ने किया नृत्य-
इधर, नवयुवक मित्र मंडल समिति द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष पंडाल को ताड़ के पेड़, चार पत्ती क्लोवर, क्यूब और गोलाकार आकृतियों वाली आधुनिक एलईडी लाइटिंग, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। रात के समय रोशनी से जगमगाता पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
रोजाना रात आठ बजे महाआरती के बाद तुलादान और फिर गरबा-डांडिया का आयोजन हो रहा है। बीती रात लाल रंग की पारंपरिक वेशभूषा में नौ देवियों ने गरबा नृत्य प्रस्तुत किया। डीजे की धुनों पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर गरबा-डांडिया करते नजर आए। आयोजन में बाहर से आए अतिथियों का दुपट्टा और श्रीफल भेंट कर स्वागत-अभिनंदन किया जा रहा है।
गरबा स्थल पर अनुशासन, सुरक्षा और परंपराओं का ध्यान रखा जा रहा है। आयोजन में गांव के गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हो रहे हैं। महोत्सव को सफल बनाने में नवयुवक मित्र मंडल समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे हुए हैं।




