पुलिस की सूझबूझ भरी पूछताछ से जघन्य हत्या के मामले का 24 घण्टे के भीतर खुलासा
8-10 लोगों से पूछताछ कर महिला द्वारा बताए आरोपी की पुष्टि की

महिला की जघन्य हत्या एवं उसकी बेटी पर जानलेवा हमला करने वाले 2 विधि से संघर्षरत बालक पुलिस अभिरक्षा में
4 थानों की पुलिस टीमों की संयुक्त कार्रवाई
सोने की चेन लूटने के इरादे से महिला पर किया था हमला, बेटी ने बचाने की कोशिश की तो उस पर भी किया वार
देवास। सतवास में महिला की हत्या और उसकी बेटी पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे में वारदात का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि सोने की चेन लूटने के इरादे से दो नाबालिगों ने वारदात से पहले महिला के घर की 2-3 बार रेकी की थी।
घटना के दौरान महिला की बेटी ने बीच-बचाव किया तो हमलावरों ने उस पर भी धारदार हथियार से हमला कर दिया। पुलिस ने दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लेकर वारदात में इस्तेमाल हथियार, मोबाइल फोन और सोने की चेन के टुकड़े बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार 10 सितंबर को डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि थाना सतवास क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 9, पुनासा रोड, पुनर्वास सतवास स्थित मकान में माया पति स्व. अशोक शर्मा उम्र 60 वर्ष एवं उनकी पुत्री रानू पति राकेश शर्मा उम्र 35 वर्ष खून से लथपथ अवस्था में मिली। घटना की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद द्वारा एएसपी (ग्रामीण) एवं एसडीओपी (कन्नौद) को त्वरित कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया। इस पर तत्काल रिस्पॉन्स करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन एवं एसडीओपी कन्नौद आदित्य तिवारी सहित थाना सतवास की पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची एवं घायल को बिना विलंब उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाया गया। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाकर घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कराया गया तथा महत्वपूर्ण भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया गया।
घायल महिला प्रकरण के खुलासे की एक महत्वपूर्ण कड़ी थी। बेहतर उपचार एवं आवश्यक पुलिस समन्वय के लिए इंदौर स्थित अस्पताल से एएसपी (ग्रामीण) द्वारा समन्वय स्थापित कर उपचार की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई। एसडीओपी (कन्नौद) द्वारा इंदौर भेजी गई पुलिस टीम ने घायल से घटनाक्रम के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा संदिग्धों के संबंध में आवश्यक पहचान एवं सत्यापन की कार्रवाई की।
थाना स्तर की टीम ने घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों की प्रत्येक कड़ी को क्रमबद्ध रूप से जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंचने की दिशा में कार्य किया। विवेचना में सामने आया कि विधि से संघर्षरत 2 बालकगण द्वारा घटना को अंजाम देने से पूर्व 2-3 बार रेकी की गई थी। जिनका रैकी करना CCTV फुटैज मे कैद हुआ। उनका उद्देश्य महिला के गले में पहनी सोने की चेन लूटकर उससे प्राप्त राशि से अपने शौक पूरे करना था। इसी उद्देश्य से महिला पर धारदार हथियार से हमला किया गया। महिला की बेटी द्वारा बीच-बचाव करने पर उस पर भी हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी जानकारी, घायल से प्राप्त महत्वपूर्ण तथ्यों तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परस्पर मिलान कर प्रत्येक कड़ी को जोड़ा गया। सुनियोजित एवं पेशेवर विवेचना के परिणामस्वरूप पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर हत्या की घटना का खुलासा कर विधि से संघर्षरत बालकगण को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया । प्रारंभिक पुछताछ में दोनो बालकों के द्वारा घटना कारित करना स्वीकार किया गया । बालकों की निशानदेही पर से घटना से संबंधित 10-10 ग्राम सोने की चेन के 2 टुकड़े, घटना में उपयोग किए गए 2 मोबाइल फोन, काले रंग का चाकू कवर, हत्या में प्रयुक्त छुर्रा तथा वारदात में प्रयुक्त लोहे के भारी बाट को जप्त किया गया है। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
सराहनीय कार्य- थाना प्रभारी सतवास निरीक्षक आशीष पाल, थाना प्रभारी खातेगांव निरीक्षक दिलीप कुमार पुरी, निरीक्षक राहुल रावत, उनि सरदार मंडलोई, नरेन्द्र ठाकुर, अजय डोड, सउनि विष्णुप्रसाद मण्डलोई, प्रआर गणेश रावत, सुनिल प्रजापति, गंगाराम नरगावे, रवि राव जाधव, महेन्द्रसिंह गौतम, श्रवण दायमा, राजकुमार देवड़ा, आरक्षक अनिल भाभर, आनंद जाट, राजेन्द्र राजपूत, शुभम मालवीय, लोकेन्द्र शर्मा, राहुल लोवंशी, अल्ताफ, मआर अंजली कटारे, सैनिक संदीप एवं सायबर सेल टीम से प्रआर शिवप्रताप सिंह सेंगर, आर युवराज की प्रशंसनीय भूमिका रही।




