
उज्जैन। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने गुरुवार को आगर जिले में एक और बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए जिला आपूर्ति विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत प्रकरण में गिरफ्तार किया।
शिकायत के सत्यापन के बाद की गई इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लोकायुक्त की सख्ती एक बार फिर सामने आई।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल योगेश देशमुख के निर्देशन एवं पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत यह ट्रैप कार्रवाई 10 जुलाई 2026 को की गई।
8 जुलाई को हुई थी शिकायत
लोकायुक्त उज्जैन के पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार यादव को 8 जुलाई 2026 को जावरा (रतलाम) निवासी विजय कुमार बोरसिया ने लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके पिता गोवर्धनलाल, जो जिला आपूर्ति अधिकारी, आगर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, उनके ग्रेच्युटी, बीमा, अवकाश नकदीकरण सहित करीब 27 लाख रुपए के भुगतान की प्रक्रिया लंबित है।
आरोप था कि इन भुगतानों को जारी करने के बदले जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय, आगर में पदस्थ बाबू मनीष कुमार पंड्या ने 1.50 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत का सत्यापन सही मिला
लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत की जांच निरीक्षक दीपक सेजवार से कराई। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त ने ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई।
50 हजार रुपए लेते ही दबोचा
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार शिकायतकर्ता विजय कुमार बोरसिया गुरुवार को आरोपी के पास 50 हजार रुपए की पहली किस्त लेकर पहुंचा। जैसे ही मनीष पंड्या सहायक ग्रेड तीन, प्रभारी लेखापाल ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे कार्यालय में ही रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई।
10 सदस्यीय टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस ट्रैप कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक दीपक सेजवार, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत तथा आरक्षक श्याम शर्मा, इसरार, शिवकुमार शर्मा, संदीप कदम सहित 10 सदस्यीय लोकायुक्त टीम शामिल रही।
भ्रष्टाचार पर लगातार सख्ती
लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत मिलने पर पहले उसका सत्यापन कराया जाता है। शिकायत सही पाए जाने पर नियमानुसार ट्रैप कार्रवाई की जाती है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल लोकायुक्त को दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
आमजन से अपील है कि यदि कोई लोकसेवक अधिकारी, कर्मचारी किसी शासकीय कार्य को करने हेतु रिश्वत की मांग करता है, तो लोकायुक्त उज्जैन को मोबाइल नंबर 9425103975 पर अथवा शासकीय दूरभाष 0734-2512756 पर सम्पर्क कर सकता है।




