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150 साल पुराना विशाल पेड़ बना मुसीबत, 26 घंटे से बंद पड़ा बागली-धावड़िया प्रधानमंत्री मार्ग

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आंधी के बाद सड़क पर गिरा विशाल पेड़, 10 गांवों का संपर्क प्रभावित

बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। सोमवार दोपहर आए तेज आंधी-तूफान ने क्षेत्र के जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। बागली-धावड़िया प्रधानमंत्री सड़क पर चैनपुरा गांव के समीप धावड़िया मोड़ पर लगभग 150 वर्ष पुराना विशाल बेड़े का पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गया। पेड़ इतना बड़ा है कि उसके तने और मोटी डालियों ने पूरे मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। घटना के 26 घंटे बाद भी सड़क से पेड़ नहीं हटाया जा सका, जिससे आवागमन ठप बना हुआ है।

सोमवार दोपहर करीब 3 बजे तेज हवाओं के बीच यह विशाल पेड़ सड़क पर आ गिरा था। संयोग से उस समय कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि सड़क बंद होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

10 गांवों का संपर्क प्रभावित-
इस मार्ग से बीडगांव, चौपाल, बावड़ीखेड़ा, पंजरिया, खेड़ा, रामपुरा, गुवड़ी सहित आसपास के करीब 10 गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। सड़क बंद होने से ग्रामीणों का अस्पताल, मंडी और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। इंदौर जाने वाले मजदूरों की रोजाना 5 से 7 गाड़ियां भी इस मार्ग से गुजरती हैं, जो अब प्रभावित हो रही हैं।

बिजली लाइन भी प्रभावित-
पेड़ गिरने के दौरान बिजली के तार भी उसकी चपेट में आ गए, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना मिलने पर प्रधानमंत्री सड़क के सब इंजीनियर संतोष मंसारे टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन पेड़ का आकार अत्यधिक बड़ा होने के कारण तत्काल कार्रवाई संभव नहीं हो सकी।

किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी-
ग्रामीण जगदीश जिराती, संतोष चौहान, बाबूलाल शिकारी, अजय चौहान, भगवानसिंह पटेल, प्रताप बछानिया और सरवन राठौर ने बताया कि गर्मी के मौसम में खेतों तक पहुंचना और पानी लाना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है, ऊपर से सड़क बंद होने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामसिंह ओसारी ने बताया कि 26 घंटे से कोई वाहन इस मार्ग से नहीं निकल पाया है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए करीब 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है।

जिम्मेदारी को लेकर सवाल-
धावड़िया के सरपंच तेजसिंह ओसारी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सड़क के सब इंजीनियर संतोष मंसारे से चर्चा की थी। उनके अनुसार अधिकारियों ने कहा कि पेड़ हटाना उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता, इसलिए स्थानीय स्तर पर सहयोग लेकर व्यवस्था करनी होगी।

“पेड़ काफी बड़ा और मोटा है। हमारे पास ऐसा कोई संसाधन उपलब्ध नहीं है जिससे इसे तुरंत हटाया जा सके। लकड़ी काटने वाले लोगों से संपर्क किया गया है। एक-दो दिन में पेड़ हटाकर मार्ग बहाल कर दिया जाएगा।” – संतोष मंसारे, सब इंजीनियर, प्रधानमंत्री सड़क

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