धर्म-अध्यात्म

भारतीय संस्कृति विश्व का आधार है- इंद्र सिंह नागर

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टोंकखुर्द (विजेंद्रसिंह ठाकुर)। ग्राम गिरलाखेड़ी में आयोजित एकदिवसीय अमृतवाणी सत्संग में श्रीराम शरणम आश्रम देवास के इंद्र सिंह नागर ने कहा कि श्री हनुमानजी श्रीराम के दूत हैं और उनके परम भक्त हैं, जो भक्त राम नाम का सिमरन करते हैं और सत्संग करते हैं, उनसे श्री हनुमानजी प्रसन्न होते हैं।

गिरलाखेड़ी में प्रति मंगलवार को हजारों भक्तों की उपस्थिति में भजन-कीर्तन एवं हनुमान चालीसा का पाठ होता है। श्री नागर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हम सनातनी किसी भी बहाने मंदिरों में एकत्रित होकर श्रीराम की और राष्ट्र की आराधना करें। भारत मंगलमय विश्व का आधार है। भारतीय संस्कृति विश्व का आधार है। भारत बचेगा तो विश्व बचेगा। भारत को बचाने के लिए बचपन को प्रबुद्ध करना पड़ेगा, युवा को शुद्ध करना पड़ेगा और बुढ़ापे को सिद्ध करना पड़ेगा। सब सनातनी अपने घरों में भी नित्य एक घंटा अपने धर्म शास्त्रों का अध्ययन करें। अपने बच्चों को रामचरितमानस, गीता भागवत से परिचय कराएं। युवाओं के पांव लड़खड़ाए हैं, उन्हें धर्म और राष्ट्र से जोड़ना जरूरी है। युवा ही भारत की आशा है।

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हम बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, अच्छे संस्कार दें, उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, आईपीएस, कलेक्टर बनाएं लेकिन उसके पहले उन्हें अच्छा इंसान बनाएं, जो अच्छा इंसान बन जाता है वह अच्छा अधिकारी भी बनता है। अच्छा नेता भी बनता है। अच्छा नागरिक भी बनता है। कार्यक्रम ग्राम गोरवा के महेश पटेल ने आयोजित किया। भंडारे का भी आयोजन किया गया। श्री पटेल ने आभार व्यक्त किया।

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