पर्यावरण संरक्षण हमारा प्रथम कर्तव्य: सहज सरकार

– नारायण विद्या मंदिर उमावि में पर्यावरण शिक्षण पर कार्यशाला का आयोजन
देवास। श्री नारायण विद्या मंदिर शासकीय उमावि क्रमांक देवास में पर्यावरण शिक्षण पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विशेष अतिथि जन शिक्षक सहज सरकार ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता केवल चर्चा तक सीमित न रहे, बल्कि इसे व्यवहार में उतारना आवश्यक है। हर महत्वपूर्ण अवसर पर पौधारोपण करें और उनकी देखरेख करें। पर्यावरण का महत्व अनादिकाल से है और यह हमारे जीवन का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानें और प्रकृति के अनुकूल कार्य करें।

कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में नगर निगम स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर एवं राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक महेश सोनी और नगर निगम स्वच्छ भारत अभियान के सुपरवाइजर शाहनवाज खान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य केके मिश्रा ने की। मंच पर मिर्जा मुशाहिद बेग एवं अनुज जायसवाल की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
पर्यावरण का संरक्षण सभी का कर्तव्य-
मुख्य अतिथि श्री सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का कर्तव्य है। यदि हम अपने घर, मोहल्ले और नगर को स्वच्छ रखेंगे तो यह संपूर्ण समाज के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे पर्यावरण हितैषी बनकर अपने नगर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में योगदान देंगे।
स्वच्छता की प्रेरणा-
नगर निगम स्वच्छ भारत अभियान के सुपरवाइजर शाहनवाज खान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। यदि हम अपनी जीवनशैली को प्रकृति के अनुकूल बनाएंगे तो हमारा भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से प्लास्टिक के कम उपयोग, जल संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
पर्यावरण मित्र बनने की दी सलाह-
संस्था शिक्षक अनुज जायसवाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति ने हमें जो संसाधन दिए हैं, उनका संरक्षण करना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण मित्र बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि यदि हम प्रकृति का ध्यान रखेंगे तो प्रकृति भी हमें सुखद अनुभव प्रदान करेगी।
पर्यावरण जागरूकता पर दिया संदेश-
संस्था प्राचार्य श्री मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम सब पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बना लें, तो आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिल सकता है।
विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प-
कार्यशाला में 50 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने ध्यानपूर्वक सभी अतिथियों के विचारों को सुना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यशाला के अंत में अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत अभियान की शपथ दिलाई गई।
कार्यशाला का संचालन मिर्जा मुशाहिद बेग ने किया तथा अंत में संस्था की ओर से अनुज जायसवाल ने सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।




