लाल कारपेट पर मां तुलजा-मां चामुंडा की अगवानी, सलामी और महाआरती के साथ निकला देवास में विसर्जन चल समारोह

उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जगह-जगह स्वागत मंचों से बांटा गया महाप्रसाद
देवास। मां दुर्गा की आराधना, गरबा और नौ दिनों तक चले धार्मिक आयोजनों के बाद गुरुवार को शहर में प्रतिमाओं के विसर्जन का चल समारोह निकाला गया। मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा देवी की अगवानी के लिए सयाजी द्वार से जैन स्तंभ तक लाल कारपेट बिछाया गया।
पुलिस बैंड और रिटायर्ड आर्मी सैनिकों ने सलामी देकर माता रानी के सुसज्जित रथ का स्वागत किया। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। चल समारोह में आकर्षक झांकियों, अखाड़ों के हैरतअंगेज करतबों और जगह-जगह लगे स्वागत मंचों ने आयोजन को खास बना दिया। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और शहर देर तक भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

मां तुलजा भवानी और मां चामुंडा देवी की महाआरती विधायक गायत्री राजे पवार, महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल, सभापति रवि जैन, सत्तापक्ष नेता मनीष सेन सहित अन्य श्रद्धालुओं ने की। इस दौरान धार्मिक उत्साह के बीच माता रानी को विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में भक्त जुटे। नवरात्रि के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए निकले चल समारोह में श्रद्धालुओं की भागीदारी देखते ही बनी।

स्वागत मंचों पर सेवा, सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़-
चल समारोह मार्ग पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों के साथ राजनीतिक दलों ने भी स्वागत मंच लगाए थे। इन मंचों से माता के भक्तों को चाय, पानी, नाश्ता और महाप्रसाद वितरित किया गया। आयोजन की तैयारियां एक दिन पहले से ही शुरू हो गई थीं। जगह-जगह की गई व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालु सेवा कार्यों में जुटे रहे। कई स्थानों पर फूल, अबीर और गुलाल से सड़कें रंगीन नजर आईं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह दिखाई दिया।

चल समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. रायसिंह सेंधव, पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल, जिला महामंत्री राजेश यादव और एल्डरमैन दिनेश सांखला सहित अनेक कार्यकर्ता पैदल शामिल हुए। विभिन्न स्थानों पर स्वागत मंचों से नेताओं का स्वागत भी किया गया।

झांकियों ने मोहा मन, अखाड़ों के करतबों पर टिकी नजरें-
चल समारोह में शामिल सैकड़ों प्रतिमाओं और आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों को देखने के लिए लोग मार्ग के दोनों ओर जमा रहे। वहीं, अखाड़ों के कलाकारों ने अपने करतबों का प्रदर्शन किया। कलाकारों के हैरतअंगेज प्रदर्शन को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। देर तक चलने वाले इस आयोजन में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।

पुलिस की निगरानी में निकला चल समारोह-
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाली। शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर पुलिस जवान तैनात रहे। जरूरत के अनुसार कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोकी गई, ताकि चल समारोह सुचारु रूप से निकल सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।

नवरात्रि के बाद प्रतिमाओं को विदाई देने का सिलसिला शहर में दिनभर जारी रहा। विसर्जन के लिए प्रतिमाएं कालूखेड़ी तालाब, शिप्रा सहित अन्य स्थानों की ओर ले जाई गईं। कुछ समितियों ने दशहरे के दिन ही प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया था। नगर निगम प्रशासन ने भी विसर्जन व्यवस्था को लेकर तैयारियां की थीं। नौ दिनों की आराधना के बाद मां दुर्गा को विदाई देते समय श्रद्धालुओं में उत्साह के साथ भावुकता भी नजर आई।




