सेवानिवृत्ति पर छलकीं भावनाएं, शिक्षिका निर्मला पवार का हुआ सम्मान
डीईओ सूर्यवंशी बोले- शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति जीवन का पड़ाव है, मंजिल नहीं

देवास। स्थानीय श्री नारायण विद्या मंदिर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 देवास की उच्च माध्यमिक शिक्षिका निर्मला पवार की सेवानिवृत्ति पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने वाली पवार के सम्मान में आयोजित समारोह में सहकर्मियों एवं अतिथियों ने उनके कार्यकाल और व्यक्तित्व को याद करते हुए भावपूर्ण शब्दों में विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी रहे, जबकि अध्यक्षता एडीपीसी ओमप्रकाश दुबे ने की। विशेष अतिथि के रूप में चित्रकार मनोज पवार उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत संस्था के प्राचार्य कृष्णकुमार मिश्रा, आरएस सोलंकी, पम्मी नाथ, प्रीती जोशी, मिर्जा मुशाहिद बैग एवं अनूज जायसवाल ने किया।
गीतों ने बांधा समां, सम्मान से अभिभूत हुईं पवार
समारोह में अंकिता व्यास, अंजू सोलंकी एवं नीलप्रिया नीमा ने गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। इस दौरान अतिथियों ने शिक्षिका निर्मला पवार को शाल-श्रीफल एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही नारायण विद्या मंदिर क्रमांक-1 संकुल के जन शिक्षक सहज सरकार एवं वर्षा नेगी का भी सम्मान किया गया, जो जनशिक्षक पद से मुक्त हुए हैं। संस्था की शिक्षिका अनीता पंड्या ने प्रशस्ति पत्र का वाचन करते हुए निर्मला पवार के व्यक्तित्व एवं विद्यालय के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
‘सेवानिवृत्ति पड़ाव है, मंजिल नहीं’—डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी ने कहा कि शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति जीवन का एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। सेवा से निवृत्त होने के बाद व्यक्ति के अनुभव और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियां समाप्त नहीं होतीं। उन्होंने शिक्षिका निर्मला पवार के सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की।
‘छात्र हित में जब भी जरूरत होगी, उपस्थित रहूंगी’
सम्मान से अभिभूत शिक्षिका निर्मला पवार ने संस्था और सहकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी जब कभी छात्र हित में उनकी आवश्यकता होगी, वे अपनी सेवाएं देने के लिए उपस्थित रहेंगी। उनके इस संकल्प ने समारोह को भावुक कर दिया। कार्यक्रम का संचालन लोकेश सांवलिया एवं सादिया खान ने किया। आभार संस्था के शिक्षक मिर्जा मुशाहिद बैग ने माना।




