लोक अदालत की सफलता के लिए बिजली कंपनी ने दिए हजारों नोटिस
12 सितंबर की लोक अदालत में 10 लाख तक सिविल दायित्व के प्रकरणों का होगा समाधान

ब्याज पर शत प्रतिशत एवं मूल सिविल राशि पर 30 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी
इंदौर। मप्र शासन ऊर्जा विभाग के निर्देशानुसार पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 12 सितंबर शनिवार को मालवा-निमाड़ के 44 न्यायालय क्षेत्रों में आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की प्रभावी तैयारी की है।
कंपनी ने इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत अन्य 12 जिलों में हजारों नोटिस भेजे हैं। ये नोटिस सतर्कता संकाय, संचारण संधारण अधिकारियों द्वारा पृथक रूप से भेजे गए हैं।
मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री एसआर बमनके ने बताया कि प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में कंपनी क्षेत्र के सभी 15 जिलों में तैयारी जारी हैं। इसके लिए जिलों/सर्कलों के अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं के साथ वर्चुअल एवं समक्ष मिटिंग कर लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों के समाधान के विशेष प्रयास किए गए हैं।
इस लोक अदालत में 10 लाख रूपए तक के सिविल दायित्व के प्रकरणों में समझौता हो सकेगा। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों का समझौता होगा। प्री लिटिगेशन स्तर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट देंगे। इसी तरह लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों में आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत रियायत प्रदान की जाएगी।
मुख्य सतर्कता अधिकारी एसआर बमनके ने बताया कि उपरोक्त रियायत समस्त घरेलू, 5 किलोवाट तक के गैर घरेलू, 10 एचपी तक के आईपी औद्योगिक कनेक्शन से संबद्ध प्रकरणों पर ही देय रहेगी। निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व, अपराध शमन राशि एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। लोक अदालत के दौरान छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी /अनाधिकृत उपयोग पहली बार किए जाने की स्थिति में ही दी जाएगी।
आवेदक अन्य कोई कनेक्शन भी है, तो वहां की राशि पूर्ण जमा होगी, तभी रियायत का लाभ दिया जा सकेगा। विद्युत वितरण कंपनी ने अधिक से अधिक उपभोक्ताओं, प्रकरण से संबंधित व्यक्तियों से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की है।




