धर्म-अध्यात्म

सत्संग आध्यात्मिक चिकित्सालय- नागर जी

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टोंकखुर्द (विजेंद्रसिंह ठाकुर)। सत्संग न्यायालय नहीं औषधालय है, यहां न्याय नहीं निदान होता है। सत्संग नेत्र शिविर है, जहां गुरु ज्ञान और वैराग्य की दो आंख देता है। सत्संग विद्यालय को देवालय बनाने की प्रक्रिया है।

ये विचार ग्राम चिड़ावद में डॉ. मनोज नागर के अस्पताल के उद्घाटन के अवसर पर श्री राम शरणम् आश्रम देवास से पधारे इंद्रसिंह नागर ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में शरीर के रोग ठीक होते हैं और राम नाम से मन के रोग ठीक होते हैं। अमृतवाणी स्वामी सत्यानंद जी महाराज को परमात्मा द्वारा दिया गया भक्त के मन में श्रद्धा और विश्वास जगाने वाला छोटा सा ग्रंथ है। अमृतवाणी जीव मात्र को पावन और पाप मुक्त करती है। सारे शास्त्रों के सत्संग का फल यही है, कि भगवान के नाम में रुचि हो जाए। शरणागति के लिए नाम सिमरन जैसा दूसरा कोई साधन नहीं है।

अमृतवाणी पाठ के पश्चात सभी का डॉ. मनोज नागर एवं डॉ. अंकित नागर ने आभार व्यक्त किया। जानकारी श्रीराम शरणम् के प्रादेशिक प्रचार प्रमुख डॉ. सुरेश गुर्जर ने दी।

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