धर्म-अध्यात्म

देवास में गायत्री महामंत्र अनुष्ठान की पूर्णाहुति, पंचकुंडीय महायज्ञ और कन्या भोज आयोजित

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देवास। गायत्री शक्तिपीठ साकेत नगर एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर पर नवरात्रि के पावन पर्व पर सामूहिक गायत्री महामंत्र का नव दिवसीय अनुष्ठान का क्रम अनवरत रुप से चलाया जाता है।

इसमें गायत्री साधक बड़ी संख्या में प्रात: 3.30 बजे ब्रह्ममुहूर्त में सामूहिक गायत्री महामंत्र का जप प्राणि मात्र के कल्याण के लिए करते है, उसी की पूर्णाहुति महानवमी को पंचकुण्डीय गायत्री महायज्ञ के माध्यम से सम्पन्न हुई।

गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया कि 19 अक्टूबर को प्रात: 9 बजे श्रीवेदमाता गायत्री, परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्यजी, वन्दनीया माता भगवतीदेवी शर्मा एवं देवोआव्हन व पूजन के साथ पंचकुण्डीय गायत्री महायज्ञ की शुरुआत हुई जिसमें यज्ञोपवीत, दीक्षा, विद्यारम्भ सहित विभिन्न संस्कार नि:शुल्क सम्पन्न हुए।

आयोजन में भारतसिंह बनाफर, गणेशचन्द्र व्यास, विक्रमसिंह राजपूत, सुभाष जैन, गीता जोशी, भंवरसिंह सोलंकी, केशव पटेल, ओमप्रकाश सिंह बनाफर, रमेश पांचाल, भरत चौधरी, नीतिन गुप्ता, महेंद्र राठौड़, अजयसिंह चौधरी सहित सैकड़ों गायत्री साधको ने आहुतिया प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में कन्याभोज के साथ सभी उपस्थित परिजनों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। कर्मकांड का संचालन परिव्राजक रामनिवास कुशवाह एवं शक्तिपीठ की संगीत टोली ने किया तथा आभार मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी महेश पंड्या ने माना। इसी प्रकार गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर देवास पर शारदीय नवरात्रि की पूर्णाहुति प्रज्ञापीठ संरक्षिका दुर्गा दीदी के सानिध्य में पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ सम्पन्न हुई।

कार्यक्रम में रमेश पालीवाल, शेषनारायण परमार, विजेन्द्रसिंह बेस, अरुणेंद्र सोनी, सुरेश बालपांडे प्रदीप दुबे, यज्ञेश दुबे, ओ. पी. श्रीवास्तव, सुभाष धोते, सृजन शर्मा, स्नेहलता पोरवाल, सुशीला परमार अयोध्या दुबे, मंजुला सोनी, नीति श्रीवास्तव, राधा दुबे, सीमा चौहान, प्रखर दुबे एवं मोहन परिहार सहित सैकड़ों परिजन उपस्थित थे। कर्मकांड का संचालन महेश आचार्य, ज्ञानदेव बोड़खे, प्रखर पोरवाल एवं नितिन बोड़खे ने किया तथा अंत में आभार प्रज्ञापीठ के मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी राजेंद्र पोरवाल द्वारा किया गया।

 

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