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कम पानी, ज्यादा मुनाफा: कलेक्टर ने देखी किसानों की स्मार्ट खेती, मल्चिंग-ड्रिप मॉडल की सराहना

सोयतकलां के खेतों में तोरई, लौकी, मिर्च और ताइवान पपीते की उन्नत खेती का किया निरीक्षण

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– किसानों को फूलों की खेती और सामूहिक विपणन अपनाने की सलाह

आगर-मालवा। पानी की हर बूंद का बेहतर उपयोग कर कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली आधुनिक खेती अब किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बन रही है।

इसी सोच को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर प्रीति यादव ने गुरुवार को सोयतकलां क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों के खेतों का दौरा किया।

उन्होंने मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई तकनीक से तैयार फसलों का निरीक्षण कर किसानों के नवाचार की सराहना की तथा अन्य किसानों से भी आधुनिक तकनीक और फूलों की खेती अपनाने का आह्वान किया।

ग्राम दुल्याखेड़ी में किसान बालूसिंह सोंधिया के खेत पर पहुंची कलेक्टर प्रीति यादव ने मल्चिंग एवं ड्रिप सिंचाई पद्धति से उगाई गई तोरई, चवला, लौकी, मिर्च, गिलकी और ताइवान पपीता की फसलों का अवलोकन किया।

उन्होंने कहा कि यह तकनीक न केवल पानी की बचत करती है, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन भी बढ़ाती है। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से कम लागत में अधिक लाभ देने वाली इस तकनीक को अपनाने की अपील की।

कलेक्टर ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ फूलों की व्यावसायिक खेती अपनाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बाजार में फूलों की मांग लगातार बढ़ रही है और इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

इसके बाद कलेक्टर ग्राम कवरा खेड़ी पहुंचीं, जहां किसान प्रकाश दांगी के खेत में तरबूज की फसल के बाद लगाई गई लौकी की खेती का निरीक्षण किया।

किसान ने बताया कि वे अपनी सब्जियों को जयपुर, कोटा, भोपाल, उज्जैन और इंदौर की मंडियों में अन्य किसानों के साथ मिलकर ट्रक के माध्यम से भेजते हैं, जिससे परिवहन लागत कम होती है और बेहतर कीमत मिलती है।

कलेक्टर ने इस सामूहिक विपणन मॉडल को किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी तरीका बताते हुए अन्य किसानों को भी इसे अपनाने की सलाह दी।

निरीक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि गोपेश पाठक, उपसंचालक उद्यानिकी अर्जुन सिंह राजपूत, जिला जनसंपर्क अधिकारी जगदीश चंद्र मालवीय तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

 

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